*सरकार की कई महत्वकांक्षी योजनाओं पर खनन के कड़े नियम पड़ रहे हैं भारी विकास कार्य हो रहे हैं अवरुद्ध!**ब्यूरो- संतोष कुमार मित्रा* *बेनकाब भ्रस्टाचार*


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  1. *सरकार की कई महत्वकांक्षी योजनाओं पर खनन के कड़े नियम पड़ रहे हैं भारी विकास कार्य हो रहे हैं अवरुद्ध!*

 

*खनन के कड़े नियम का फायदा चंद पत्रकार सहित ठेकेदार उठा रहे हैं बीच में पिस रही है आम जनता चौगने दाम पर मिल रही है मिट्टी*

 

*ब्यूरो- संतोष कुमार मित्रा*

*बेनकाब भ्रस्टाचार*

 

जिला- पीलीभीत सहित बॉर्डर एरिया खीरी क्षेत्र में खनन को लेकर विवाद बना हुआ है सरकार के द्वारा दिये गए आवास मिट्टी के अभाव में अधूरे हैं जनता की माँग है कि सरकार को धरतालीय निरीक्षण कराते हुए खनन में ढील दी जाय!

 

बताते चलें कि सरकार के द्वारा कई योजनायें जनता के हित में संचालित की गयी है जिसका सीधा लाभ लोगों मिल रहा है परंतु उन योजनाओं को पूरा करने के लिए मिट्टी और रेत की भी विशेष आवश्यकता है परंतु खनन के कड़े नियम इसके आड़े आने से कुछ पत्रकार, ठेकेदार इसका पूरा फायदा उठा रहे हैं इसमें कुछ पत्रकार टॉर्च लेकर आधी आधी रात तक वसूली करने में लगे हैं परमिशन के बाद भी मिट्टी या रेता धूल उड़ाते हैं इस वजह से देर शाम को मिट्टी या रेता डाला जाता है जिससे आम जनता ,छात्र मरीज आदि को किसी प्रकार की असुविधा न हो

एड. मुकेश कुमार ( ग्राम प्रधान)ने बताया कि खनन के कड़े नियम से कई आवास मिट्टी के अभाव में अधूरे हैं!

मनोज सिंह (ग्राम प्रधान) ने बताया कि मिट्टी के अभाव में कई सड़कें अधूरी रह गयी है!

सा. कार्यकर्ता प्रीतपाल सिंह ने बताया कि अपने खेत से अपने ही घर में मिट्टी डालना अपराध हो गया है जिस पर सरकार को विचार करना चाहिए!

किसान नेता किशन सिंह चुग ने कहा कि जब से खनन पर कड़े नियम लगे तब से खनन माफियाओं के दिन बहुर गए इसलिए खनन के नियमों पर सरकार विचार करे जिससे आम जनता को सीधा लाभ मिले!

रामनगर मंडल अध्यक्ष विजय सिंह ने बताया कि खनन की वजह से सरकार की कई महत्वकांक्षी योजनाओं पर असर पड़ा है कई गांवों में विकास कार्य अवरुद्ध है खनन के कड़े नियम में जनता की मांग पर ढील मिले इसको लेकर प्रदेश कार्यकारिणी को पत्र लिखेंगे

जिला पीलीभीत और जिला लखीमपुर के लोगों ने तो मोर्चा खोल दिया है कि हमारे यहाँ आवास मिट्टी के बगैर अधूरा है जो मिट्टी को रोकेगा तो मारपीट की जरूरत पड़ी तो मारपीट से पीछे नहीं हटेंगे!

अब सवाल यह उठता है कि जनता परेशान है और सरकार को खबर तक नहीं है ? इसलिए यह मुद्दा सरकार तक जाना चाहिए जिससे शासन प्रशासन खनन के मुद्दे पर विचार करते हुए जन हित में फैसला ले सकें जिससे जनता की गाढ़ी कमाई का सही इस्तेमाल हो और बिचौलियों का खेल खत्म हो सके

खनन के कड़े नियमों पर सरकार जल्द निर्णय ले जिससे वसूली करने वालों से निजात मिले

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