*बाघ को पकड़ने की लिए लगाए गए पिंजरे में नहीं फंसा बाघ वन विभाग की निगरानी में आज भी हुई गन्ने छिलाई*
किशन सिंह चुग साo कार्यकर्ता प्रीतपाल सिंह व विजय सिंह ने बताया बाघ जहां पर हमला करता है वहां पर बाघ कभी भी पाया नहीं गया है न ही पाया जा सकता है!!!!
ब्यूरो बेनकाब भ्रष्टाचार
संतोष कुमार मित्रा
जिला पीलीभीत थाना हजारा क्षेत्र से अंतर्गत चार दिन पूर्व ग्राम मुरैनिया गांधी नगर निवासी रवि प्रताप पुत्र लौहर प्रसाद के पशुशाला में भैंस के बच्चे को दबोच लिया और घसीटता हुए गन्ने में ले गया
बताते चले मुरैनिया गांधी नगर में चार दिन पूर्व बाघ के हमले से गांव में दहशत का माहौल बन गया वन विभाग की टीम एहतियात के तौर पर भीड़ भाड़ को घटना स्थल से दूर कराया कुछ समय बाद ही पिंजरा मंगा कर लगाया गया परन्तु मजदूरों ने गन्ना छीलने से मना कर दिया दूसरे दिन वन विभाग की निगरानी में गन्ने की छिलाई शुरू हुई वन विभाग पिंजरे को लोकेशन के आधार पर इधर उधर लगती रही मजदूरों से मिली सूचना मिली कि नाली से पानी पी कर घटना स्थल से दक्षिण की ओर गया है। आज भी वन विभाग की निगरानी में मजदूरों ने गन्ना छिला खेत में काम किया बाघ की कोई लोकेशन नहीं मिली मौक पर पहुंचे वन रेंजर अनिल कुमार ने बताया कि पूरी टीम बाघ को कब्जे में लेने के लिए तत्पर है वन विभाग के सभी कर्मी अपनी ड्यूटी पर मौजूद मिले जनता ने सवाल किया कि वर्षों से बाघ का आतंक जारी है अभी तक पकड़ में क्यों नहीं आया
अनिल कुमार रेंजर ने बताया इस पर जिले स्तर पर मंथन जारी है उत्तरी खीरी वन विभाग संपूर्ण नगर में भी इस बात को ले कर विस्तार पूर्वक मंथन किया जाएगा कि बाघ आदि जानवर रिहायशी इलाकों में न पहुंचे